What is Brain Eating Amoeba? 5 दिन में खा जाता है दिमाग!

Brain Eating Amoeba

केरल के कोझिकोड जिले के थामरासेरी में एक नौ साल की बच्ची की “Brain Eating Amoeba” (नाइग्लेरिया फाउलेरी) से मौत हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। यह इस साल जिले में इस संक्रमण का चौथा मामला है।

अधिकारी संक्रमण के स्रोत की जांच कर रहे हैं। विशेषज्ञों ने ताजे पानी में तैरने से सावधान रहने और नाक साफ करने के लिए स्टरलाइज्ड पानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

बच्ची को 13 अगस्त को बुखार के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत बिगड़ने पर 14 अगस्त को कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया गया, जहाँ उसी दिन उसकी मौत हो गई।

टेस्ट में पुष्टि हुई कि उसे प्राइमरी अमीबिक मेनिन्जोएन्सेफलाइटिस (PAM) हुआ था, जो नाइग्लेरिया फाउलेरी से फैलता है।

अधिकारियों के मुताबिक, इस साल जिले में यह चौथा मामला है। नौ साल की बच्ची के अलावा, एक तीन महीने का शिशु और एक अन्य व्यक्ति भी इसी बीमारी से जूझ रहे हैं। एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया, हम संक्रमण के सटीक स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें दूषित तालाब या झीलें भी शामिल हो सकती हैं।”

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Image Source: continentalhospitals.com

Brain Eating Amoeba कैसे फैलता है?

यह अमीबा नाक के जरिए शरीर में प्रवेश करता है, आमतौर पर तब जब कोई व्यक्ति दूषित पानी (जैसे झील, तालाब) में नहाता या तैरता है। CDC के अनुसार, इसके जोखिम कारकों में शामिल हैं:

  • ताजे पानी में तैरना
  • दूषित पानी से नाक साफ करना (धार्मिक प्रथाओं या साइनस इरिगेशन के दौरान)

एक बार नाक में पहुँचने के बाद, यह अमीबा घ्राण तंत्रिका (olfactory nerve) के जरिए दिमाग तक पहुँचता है, जहाँ यह मस्तिष्क के ऊतकों को नष्ट कर देता है और सूजन पैदा करता है।

हालाँकि, CDC के मुताबिक, “दूषित पानी पीने से यह संक्रमण नहीं फैलता और न ही यह एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है।”

Brain Eating Amoeba

ब्रेन-ईटिंग अमीबा के लक्षण

लक्षण आमतौर पर 3-7 दिन में दिखते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • तेज बुखार
  • सिरदर्द
  • उल्टी
  • भ्रम या हेलुसिनेशन
  • दौरे पड़ना
  • स्वाद या गंध में बदलाव

चूँकि ये लक्षण किसी भी सामान्य बीमारी जैसे लगते हैं, इसलिए यह बीमारी तेजी से बढ़ती है। CDC के अनुसार, लक्षण शुरू होने के 5 दिन (1 से 18 दिन) के भीतर मौत हो सकती है।”

Brain Eating Amoeba

केरल में ब्रेन-ईटिंग अमीबा के बढ़ते मामले

दुनिया भर में PAM से मरने वालों की दर 97% है। भारत में पहला मामला 1971 में सामने आया था, लेकिन हाल के वर्षों में केरल में मामले बढ़े हैं। 2023 में राज्य में 36 संक्रमण और 9 मौतें दर्ज की गईं।

जुलाई 2024 में, कोझिकोड का एक 14 साल का लड़का इस संक्रमण से बचने वाला भारत का पहला मरीज बना, जो दुनिया भर में सिर्फ 10 ज्ञात बचे लोगों में शामिल है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मामले बढ़ने की वजह पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और बेहतर टेस्टिंग है। केरल सरकार ने इसके लिए विशेष उपचार प्रोटोकॉल बनाए हैं।

ब्रेन-ईटिंग अमीबा से कैसे बचें?

  • गर्म, ठहरे हुए ताजे पानी (खासकर बारिश के बाद) में तैरने से बचें।
  • नाक साफ करने या साइनस इरिगेशन के लिए साफ, फिल्टर्ड या उबला हुआ पानी इस्तेमाल करें।

केरल स्वास्थ्य विभाग ने मानसून के दौरान पानी से जुड़ी गतिविधियों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। थामरासेरी के मामले से जुड़े दूषित पानी के स्रोत की जाँच जारी है।

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©द नेशन स्टोरी, 2025 (The Nation Story)
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