chandra grahan in september 2025 LIVE Updates: आकाश में घटने वाली खगोलीय घटनाएं हमेशा से ही मानव जिज्ञासा का केंद्र रही हैं। इनमें से ग्रहण सबसे अधिक रोमांचकारी और रहस्यमयी माने जाते हैं। साल 2025 का आखिरी चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2025) कल यानी 7 सितंबर को लगने जा रहा है।
इस खगोलीय घटना को लेकर जहां वैज्ञानिकों में उत्साह है, वहीं ज्योतिषशास्त्र में इसके धार्मिक प्रभावों पर चर्चा शुरू हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह Chandra Grahan भारत में दिखाई देगा? आइए, इस ग्रहण से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से नजर डालते हैं।
चंद्र ग्रहण कब है? (Chandra Grahan 2025 Kab Lagega)
साल का यह दूसरा और अंतिम Chandra Grahan 7 सितंबर 2025, दिन रविवार को लगेगा। यह ग्रहण उसी दिन पड़ने वाली पूर्णिमा (Purnima) के दिन होगा, जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया से पूरी तरह से ढक जाएगा। यह एक पेनुमब्रल चंद्र ग्रहण (Penumbral Lunar Eclipse) होगा।
पेनुमब्रल ग्रहण में चंद्रमा पृथ्वी की बाहरी और हल्की छाया (Penumbra) से होकर गुजरता है, जिससे चंद्रमा की चमक थोड़ी मद्धम पड़ जाती है, लेकिन वह पूरी तरह से अदृश्य नहीं होता।
ग्रहण का समय: 7 सितंबर 2025 ग्रहण टाइम इन इंडिया (September 2025 Grahan Time in India)
भारतीय समयानुसार (IST), इस Chandra Grahan 2025 की शुरुआत और समाप्ति का समय निम्नलिखित है:
- ग्रहण प्रारंभ: 7 सितंबर की मध्यरात्रि 12 बजकर 42 मिनट पर (12:42 AM)
- ग्रहण समाप्त: 7 सितंबर की सुबह 5 बजकर 14 मिनट पर (05:14 AM)
इस तरह, चंद्र ग्रहण की कुल अवधि लगभग 4 घंटे 32 मिनट की रहेगी। चंद्र ग्रहण कितने बजे लगेगा यह जानना जरूरी है ताकि आप इस खगोलीय घटना को देखने के लिए तैयार रह सकें।
क्या भारत में दिखेगा चंद्र ग्रहण? (Chandra Grahan 2025 in India)
यह सबसे अहम सवाल है जिसका जवाब है – हाँ! यह Chandra Grahan 2025 भारत के हर कोने से स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, बशर्ते मौसम साफ हो। चूंकि ग्रहण रात के समय लग रहा है, इसलिए आकाश साफ होने पर इसे बिना किसी विशेष उपकरण के नंगी आंखों से देखा जा सकता है। यह एक शानदार दृश्य होगा जब चाँद धीरे-धीरे अपनी चमक खोता और फिर से प्राप्त करता हुआ नजर आएगा।
चंद्र ग्रहण कहाँ-कहाँ दिखेगा?
Chandra Grahan 2025 केवल भारत में ही नहीं, बल्कि एशिया, यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और अटलांटिक/हिंद महासागर के अधिकांश हिस्सों में दिखाई देगा। अमेरिका और प्रशांत महासागर के क्षेत्रों में यह नजर नहीं आएगा।
चंद्र ग्रहण का ज्योतिषीय और धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म शास्त्रों में चंद्र ग्रहण का विशेष स्थान है। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान सूतक काल (Sutak Kaal) लग जाता है, जिसमें कुछ विशेष कार्यों को करने की मनाही होती है। हालाँकि, ज्योतिष के नियमों के अनुसार, पेनुमब्रल चंद्र ग्रहण के लिए सूतक काल मान्य नहीं होता है।
चूंकि यह ग्रहण पूर्ण ग्रहण नहीं है और चंद्रमा पूरी तरह से अदृश्य नहीं होता, इसलिए अधिकांश विद्वानों का मानना है कि इस Chandra Grahan 2025 के लिए सूतक काल के नियम लागू नहीं होंगे। मंदिरों के कपाट बंद नहीं किए जाएंगे और कोई भी धार्मिक कार्य बिना रुकावट के संपन्न होंगे। फिर भी, संवेदनशील लोग ग्रहण काल के दौरान भगवान का नाम जप कर सकते हैं।
Chandra Grahan 2025 ग्रहण देखते समय बरतें यह सावधानियाँ
भले ही चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित माना जाता है, लेकिन फिर भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- इसे देखने के लिए किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं होती, जैसा कि सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) में होता है।
- यदि आप टेलीस्कोप या दूरबीन की मदद से ग्रहण देखना चाहते हैं, तो उसके लेंस पर कोई विशेष फिल्टर लगाने की जरूरत नहीं है।
- ग्रहण देखने के लिए ऐसी जगह चुनें जहां प्रदूषण और रोशनी कम हो, जैसे कि शहर से दूर कोई खुला मैदान या छत।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण: ग्रहण क्यों और कैसे लगता है?
ग्रहण (Grahan) एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है, जो तब घटित होती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं। चंद्र ग्रहण specifically तब लगता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है और चंद्रमा पर अपनी छाया डालती है। इससे चंद्रमा की सतह पर सूर्य की रोशनी नहीं पहुँच पाती और वह अंधेरे में डूब जाता है। पेनुमब्रल ग्रहण में चंद्रमा पृथ्वी की गहरी छाया (Umbra) से नहीं, बल्कि हल्की बाहरी छाया से गुजरता है, इसलिए उस पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।
अगला ग्रहण कब लगेगा? (Grahan Kab Hai 2025 Next?)
वर्ष 2025 में कुल चार ग्रहण हैं – दो सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) और दो चंद्र ग्रहण। 7 सितंबर का यह ग्रहण साल का आखिरी ग्रहण होगा। इसके बाद अगला ग्रहण साल 2026 में लगेगा। यदि सूर्य ग्रहण कब है (Surya Grahan Kab Hai) की बात करें, तो 2025 का अगला सूर्य ग्रहण 21-22 फरवरी 2026 को एक Annular Solar Eclipse होगा, जो दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक और अफ्रीका में दिखेगा। भारत में यह नजर नहीं आएगा।
निष्कर्ष: एक अद्भुत खगोलीय नज़ारा
7 सितंबर 2025 की रात एक शानदार खगोलीय घटना का साक्षी बनेगी। Chandra Grahan 2025 भारत में पूरी तरह से दिखाई देगा, जिसे हर कोई आसानी से देख सकता है। यह एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला अनुभव होगा जब हम प्रकृति के इस अद्भुत नज़ारे को देखेंगे।
तो कल रात, अपनी छत पर चादर बिछाएं, चाय की चुस्की लें और ब्रह्मांड की इस सुंदर लीला का आनंद लें। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए तो यह एक सुनहरा अवसर होगा।
ध्यान रखें: उपरोक्त सभी समय भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार हैं और मौसम की स्थिति के आधार पर दृश्यता में बदलाव हो सकता है।
©द नेशन स्टोरी, 2025 (The Nation Story)
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