INDIA Post : 50 साल पुरानी विरासत का अंत! 1 सितंबर से बंद हो रही भारतीय डाक की ‘रजिस्टर्ड पोस्ट’ सेवा, जानें क्या होगा अब?

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भारतीय डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड पोस्ट को मिलाने का फैसला किया, 1 सितंबर से लागू

चेन्नई/नई दिल्ली: भारतीय डाक विभाग (India Post) ने अपनी सेवाओं को और अधिक सुगम और कुशल बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 1 सितंबर से स्पीड पोस्ट (Speed Post) और रजिस्टर्ड पोस्ट (Registered Post) सेवाओं को एक साथ मिला दिया जाएगा।

इसका उद्देश्य डाक सेवाओं की जटिलता को कम करना, मेल प्रोसेसिंग को मानकीकृत करना और परिचालन लागत को कम करना है। यह सेवा पिछले 50 साल से देशभर में नौकरी की नियुक्ति पत्र, कोर्ट के नोटिस, सरकारी दस्तावेज़ और बैंक के अहम कागजात पहुँचाने का भरोसेमंद जरिया रही है। लेकिन अब इसे स्पीड पोस्ट में मिला दिया जाएगा।

ग्राहकों को मिलेगा बेहतर अनुभव

डाक विभाग (Indian Post) के अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से ग्राहकों को तेज डिलीवरी और बेहतर सेवा का अनुभव मिलेगा। पिछले वित्तीय वर्ष में तमिलनाडु डाक सर्कल ने लगभग 11.84 करोड़ स्पीड और रजिस्टर्ड पोस्ट को संभाला था। अब डाक सेवाओं के विलय और पुनर्गठन के तहत, राज्य में इंटीग्रेटेड मेल प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।

चेन्नई में अभी 14 अलग-अलग मेल प्रोसेसिंग कार्यालय हैं, लेकिन जल्द ही एक ही केंद्र पर स्वचालित प्रणाली के जरिए मेल की छंटाई और डिस्पैच की जाएगी। इससे समय और लागत दोनों की बचत होगी।

ग्राहकों की मांग: रजिस्टर्ड पोस्ट की सुविधाएँ बरकरार रहें

डाक सेवा का उपयोग करने वाले ग्राहकों ने मांग की है कि रजिस्टर्ड पोस्ट की महत्वपूर्ण सुविधाएँ जैसे प्रूफ ऑफ डिलीवरी (Proof of Delivery), ऑनलाइन ट्रैकिंग और केवल संबंधित प्राप्तकर्ता को ही डाक पहुँचाने की व्यवस्था को बनाए रखा जाए।

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तमिलनाडु प्रोग्रेसिव कंज्यूमर सेंटर के अध्यक्ष टी. सदागोपन ने कहा कि डाक शुल्क में संशोधन किया जाना चाहिए, लेकिन यह ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालना चाहिए। वहीं, तिरुमुल्लैवोयल के निवासी के. मुरलीकृष्णन जैसे लोगों ने पिनकोड के बेहतर आवंटन की मांग की है, ताकि पत्रों की डिलीवरी में देरी न हो।

नई व्यवस्था: छोटे डाकघर भी होंगे शामिल

डाक विभाग (Indiapost) के अधिकारियों ने बताया कि इस विलय के बाद प्रूफ ऑफ डिलीवरी और प्राप्तकर्ता-विशेष डिलीवरी जैसी सुविधाएँ वैल्यू-एडेड सर्विस के रूप में दी जाएंगी। नई सेवा की कीमत अभी तय की जा रही है।

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Image Source: India Post Official Account

इसके अलावा, छोटे डाकघरों को भी स्वतंत्र डिलीवरी कार्यालयों में मिला दिया जाएगा, ताकि ग्राहकों की सुविधा के अनुसार डिलीवरी का समय तय किया जा सके। चेन्नई में यह व्यवस्था जल्द ही लागू की जाएगी।

इस नए बदलाव से भारतीय डाक (Post) की सेवाएँ और अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। ग्राहकों को अब तेज और विश्वसनीय डाक सेवा का लाभ मिलेगा।

क्यों हो रहा है बंद?

  • डाक विभाग के आँकड़े बताते हैं कि 2011-12 में 24.44 करोड़ रजिस्टर्ड पार्सल भेजे गए थे, जो 2019-20 में घटकर 18.46 करोड़ रह गए।
  • डिजिटल युग और प्राइवेट कूरियर की तेज सेवाओं ने इसकी जरूरत कम कर दी।
  • अब डाक विभाग स्पीड पोस्ट के साथ मिलाकर अपनी सेवाओं को मॉडर्न बनाना चाहता है।

गाँव वालों के लिए मुसीबत?

  • रजिस्टर्ड पोस्ट सस्ती थी (₹25.96 + ₹5 प्रति 20 ग्राम), जबकि स्पीड पोस्ट महंगी है (₹41 तक 50 ग्राम के लिए)।
  • ग्रामीण इलाकों में छोटे किसान, दुकानदार और आम लोगों को अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।

पुरानी यादें ताजा!

  • बुजुर्गों के लिए यह सेवा भरोसे का प्रतीक थी। ब्रिटिश जमाने से चली आ रही इस सेवा में डिलीवरी का प्रूफ कोर्ट में मान्य होता था।
  • अब स्पीड पोस्ट में भी ट्रैकिंग और प्रूफ ऑफ डिलीवरी जैसी सुविधाएँ रहेंगी, लेकिन पुराने जमाने की वो लाल मोहर वाली चिट्ठी” का जमाना खत्म हो जाएगा।

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क्या आपने भी कभी रजिस्टर्ड पोस्ट से कोई अहम दस्तावेज़ भेजा है? कमेंट में अपनी यादें शेयर करें!


©द नेशन स्टोरी, 2025 (The Nation Story)
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