Khairabad urse charaga News 2025
Khairabad News, सीतापुर | स्थानीय प्रसिद्ध दरगाह हाफ़िज़िया असलमियां, जो हज़रत हाफ़िज़ सैय्यद असलम मियां रहमतुल्लाह अलैह की याद में बनी है, में इस वर्ष 1 अगस्त, शुक्रवार को आयोजित होने वाले उर्स चरागाँ “Urse Charaga” को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
दरगाह के सज्जादा नशीन हाजी सैय्यद फुरकान वहीद हाशमी उर्फ फुरकान मियां और दरगाह के मतवल्ली सैय्यद नवेद असलम हाशमी ने स्पष्ट किया है कि इस बार उर्स केवल औपचारिक रूप से मनाया जाएगा। कोई मेला नहीं लगेगा और बाहर से आने वाले अकीदतमंदों को दरगाह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
केवल सीमित स्थानीय लोगों की मौजूदगी में होगी रस्में
फुरकान मियां ने बताया कि यह निर्णय बरसात के मौसम और कुछ निजी कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। दरगाह में सिर्फ घर परिवार के लोग और सीमित संख्या में स्थानीय श्रद्धालु ही मौजूद रहेंगे। हर साल की तरह बड़े पैमाने पर मेला और भीड़भाड़ नहीं होगी।
अकीतदमंदो से की अपील – घर से ही करें फातेहा
सज्जादा नशीन ने सभी अकीदतमंदों से दिल से अपील की कि:
“आप सभी लोग अपने घरों में रहकर ही फातेहा व दुआ करें। दरगाह आने का कष्ट न करें। किसी को भी फाटक के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
उन्होंने आगे कहा कि जब मौसम बेहतर होगा और बारिश का खतरा नहीं रहेगा, तब उर्स को भव्य रूप से मनाने की नई योजना बनाई जाएगी।
अफवाहों से बचें, सुरक्षित रहें
फुरकान मियां ने विशेष तौर पर ज़ोर देते हुए कहा कि:
“कोई भी व्यक्ति अगर कहता है कि दरगाह में कार्यक्रम होगा, तो उसकी बात को पूरी तरह से गलत समझते हुए नजरअंदाज कर दें। ऐसे किसी भी बहकावे में न आएं।”
उन्होंने अंत में दोहराया कि बारिश के मौसम में बाहर निकलना मुनासिब नहीं है, इसलिए अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
©द नेशन स्टोरी, 2025 (The Nation Story)
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