ब्रिटेन ने “अब भेजो, बाद में अपील करो” नीति में भारत को भी जोड़ा
UK Deport Now Policy : ब्रिटेन सरकार ने आपराधिक मामलों में विदेशी नागरिकों की निरस्तीकरण प्रक्रिया को तेज़ करने के उद्देश्य से “Deport Now, Appeal Later” नीति को विस्तार देने का निर्णय लिया है। अब यह योजना 23 देशों तक बढ़ा दी गई है, जिनमें भारत भी शामिल है।
मूल योजना क्या है?
इस नीति के तहत ब्रिटेन आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए गए विदेशी नागरिकों को उनके न्यायिक अपील की सुनवाई से पहले ही डिपोर्ट कर सकता है। अब उन्हें अपनी अपील प्रक्रिया विदेश में, वीडियो लिंक के जरिए करनी होगी।
भारत और अन्य नए जोड़े गए देश
पहले यह नीति आठ देशों तक सीमित थी; अब uk deportations 2025 Policy में शामिल हुए 15 नए देशों के साथ कुल संख्या 23 हो गई है। UK Deport Now Policy में शामिल हैं:
- भारत,ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, बुल्गारिया, केन्या, इंडोनेशिया, मलेशिया, गयाना, अंगोला, बोत्सवाना, ब्रुनेई, लेबनान, लेटविया, उगांडा, ज़ांबिया आदि
UK Deport Now Policy – उद्देश्य और तर्क
ब्रिटिश सरकार का कहना है कि यह कदम “आपराधिक विदेशी नागरिकों को न्यायिक अपील से लाभ उठाकर ब्रिटेन में लंबे समय तक रहना” जैसी प्रथाओं को रोकने के लिए उठाया गया है। साथ ही, यह जेलों में भीड़ और न्यायिक सिस्टम पर बोझ को कम करने का दाया है।
विस्तारक बदलाव
सिर्फ अपील की प्रक्रिया में देरी कम करने के अलावा, जिन अपराधियों को तय अवधि की सजाएँ मिली हैं, उन्हें जेल में आधा समय नहीं, बल्कि केवल 30 प्रतिशत सजा पूरी होने के बाद ही डिपोर्ट किया जा सकेगा—सिवाय उन मामलों के जहाँ सजा जीवन-विराम (life sentence), हत्या या आतंकवाद से जुड़ी हो।
आलोचना और चिंताएँ
इस नीति की आलोचना करते हुए मानवाधिकार संगठन और पूर्व न्याय मंत्रियों ने कहा है कि इससे न्यायिक प्रक्रिया कमजोर हो सकती है—विशेष रूप से यदि वतन लौटे अपराधियों को वहाँ गिरफ्तार या सज़ा न मिले तो सुरक्षा के लिहाज से समस्या हो सकती है।
Official Announcements: https://www.gov.uk/
©द नेशन स्टोरी, 2025 (The Nation Story)
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